India civil nuclear cooperation agreement approved Australia

भारत-आस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को मंजूरी मिली

नई दिल्ली | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत-आस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी। यह समझौता बीते महीने अमल में आया था और इससे भारत के परमाणु बिजली संयंत्रों को आयातित यूरेनियम मिलने की राह और आसान हुई है। कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, “आस्ट्रेलिया के साथ असैन्य परमाणु समझौता बीते महीने 13 नवंबर को इस पर अमल की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ लागू हुआ।”

India civil nuclear cooperation agreement approved Australia
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बयान में कहा गया है कि ईंधन आपूर्ति का आस्ट्रेलिया से हुआ यह समझौता देश में परमाणु ऊर्जा के विस्तार में मददगार होगा।

दोनों देशों के बीच 2012 में परमाणु सहयोग पर तब बात शुरू हुई थी, जब आस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम बेचने पर लगाई रोक हटा ली थी। इस समझौते पर आस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी एबॉट की भारत यात्रा के दौरान दस्तखत किए गए थे।

भारत ऐसा पहला देश है, जिसे परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तखत किए बिना ही आस्ट्रेलिया से यूरेनियम मिल रहा है।

आस्ट्रेलिया यूरेनियम उत्पादन के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। लेकिन इस देश में एक भी परमाणु विद्युत संयंत्र नहीं है।

भारत फिलहाल 11 देशों के साथ परमाणु ऊर्जा समझौता कर चुका है। कनाडा और कजाकिस्तान से यूरेनियम की आपूर्ति के लिए लंबी अवधि का करार किया गया है।

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