Leggings no place for discrimination in the samajwadi government

समाजवादी सरकार में लैंगिंग भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग ने तुगलकी फरमान सुनाया था कि लड़कियां हॉकी नहीं खेल सकतीं । पूरे प्रदेश में इसका विरोध होने के बाद अब सरकार जागी है । राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने एक बयान में इस तरह का आदेश वापस लेने की बात कही है । अहमद हसन ने बुधवार को कहा, “समाजवादी सरकार में लैंगिक भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है । अगर शिक्षा विभाग में ऐसा कोई आदेश दिया गया है, तो उसे तुरंत वापस ले लिया जाएगा ।”

Leggings no place for discrimination in the samajwadi government
Leggings no place for discrimination in the samajwadi government

इससे पहले शिक्षा विभाग ने खेल प्रतियोगिताओं के लिए जो कार्यक्रम जारी किए थे, उसमें साफ था कि हॉकी, क्रिकेट और फुटबॉल प्रतियोगिताएं सिर्फ छात्रों के लिए होंगी, छात्राएं इन खेलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी ।

इस आदेश से महिला संगठनों में काफी नाराजगी पैदा हो गई । उन्होंने इस आदेश का विरोध करने की घोषणा की थी ।

उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पांच जनवरी से 15 जनवरी, 2016 तक ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं होनी हैं । इन खेलों में 100, 200, 400 और 600 मीटर की दौड़ के साथ ही रिले दौड़, बाधा दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक, खो-खो, कबड्डी, जिमनास्टिक, वॉलीबाल, फुटबाल, बैडमिंटन, योग, तैराकी, टेबल टेनिस, क्रिकेट और हॉकी के खेल होंगे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *