Godman's bail plea rejected

आसाराम की जमानत याचिका खारिज

जोधपुर | यहां की एक अदालत ने शुक्रवार को नाबलिग से दुष्कर्म के आरोपी स्वयंभू संत आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी।

आसाराम सितंबर 2013 से ही जेल में बंद है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आसाराम की तरफ से सोमवार को जमानत याचिका दाखिल की थी। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसले को शुक्रवार तक सुरक्षित रख लिया था।

Godman's bail plea rejected
                                                                        Godman’s bail plea rejected

जमानत याचिका खारिज करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास ने शुक्रवार को मामले में तथ्य पर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन उन्होंने कहा कि दिए गए तथ्यों और परिस्थितियों के मुताबिक आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। स्वामी उस वक्त अदालत में मौजूद नहीं थे।

अभियोजन पक्ष के वकील पी. सी. सोलंकी ने आईएएनएस को बताया, “हमें इस बात की खुशी है कि हम अदालत को संतुष्ट कर पाए कि सुनवाई के इस मोड़ पर आरोपी को जमानत देने से मामला बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।”

आसाराम की जमानत याचिका सत्र न्यायालय, राजस्थान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में पहले भी खारिज हो चुकी है।

Godman's bail plea rejected
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एक 16 साल की किशोरी ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि आसाराम ने अपने जोधपुर के नजदीक के आश्रम में उसके साथ यौन दुव्यर्वहार किया था। उस आरोप में कहा गया था कि आसाराम के सेवकों ने उस पर ‘बुरी साया’ की बात कह कर जोधपुर आश्रम भेजा था और कहा था कि आसाराम झाड़-फूंक कर उसे स्वस्थ कर देंगे।

इसके बाद पुलिस ने आसाराम को मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर 1 सितंबर 2013 को अदालत में पेश किया। उसे 2 सितंबर 2013 से जोधपुर के केंद्रीय जेल में रखा गया है।

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