Pay 45 percent,black money holder clean,Will not take legal action

काला धन रखने वाले लेंगे चैन की साँस, नहीं होगी क़ानूनी कार्रवाई

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को काला धन रखने वालों के लिए एक नई क्षमा योजना की घोषणा की । इस योजना के तहत कुल बेहिसाबी धन का 45 प्रतिशत भुगतान कर ऐसे लोग पाक साफ हो सकते हैं ।

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लोकसभा में 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि नई क्षमा योजना काला धन रखने वालों के लिए लागू की जाएगी ।

जेटली ने कहा कि सरकार ने एक अनुपालन खिड़की की व्यवस्था की है जहां घरेलू करदाता पूर्व में कर नियमों का उल्लंघन कर जमा किए गए अपने काले धन की घोषणा कर सकते हैं और कुल धन का 45 प्रतिशत भुगतान (30 प्रतिशत कर, 7.5 प्रतिशत प्रशुल्क और 7.5 प्रतिशत जुर्माना) कर पाक साफ हो सकते हैं ।

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केंद्रीय वित्त मंत्री की इस पहल पर नांगिया एंड कंपनी के साझेदार सूरज नांगिया ने हमारे संवाददाता से कहा, “इस योजना के जरिए सरकार ने घरेलू काला धन पर दोतरफा हमला किया है । एक ओर जहां इससे काला धन उपार्जन पर रोक लगेगी तो दूसरा कर वंचकों से कहा है कि वे अज्ञात स्रोत से जमा धन और अर्जित संपत्ति की घोषणा कर पाक साफ हो सकते हैं ।”

उन्होंने कहा कि सरकार नियमों में बदलाव जैसे नकद लेन-देन को निरुत्साहित कर और पैन नम्बर को बैंक खाता खोलने को लेकर बड़ी खरीदारी तक अनिवार्य बनाकर तथा अन्य उपाय कर घरेलू काला धन के खतरे को रेखांकित कर रही है । नांगिया ने कहा कि नई क्षमा योजना घरेलू काला धन के खतरे को निर्मूल करने की दिशा में एक और रचनात्मक कदम है ।

जेटली ने कहा कि इस योजना के तहत आय की जो घोषणा की जाएगी उसके संदर्भ में आय कर अधिनियम या संपत्ति कर अधिनियम के तहत कोई जांच या पूछताछ नहीं होगी । साथ ही घोषणा करने वालों के खिलाफ भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी । इतना ही नहीं बेनामी लेन-देन अधिनियम 1988 से भी बचाव का प्रस्ताव इस योजना के तहत किया गया है ।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत काला धन की घोषणा करने वालों से 7.5 प्रतिशत प्रशुल्क लिया जाएगा उसे कृषि कल्याण प्रशुल्क कहा जाएगा । इससे प्राप्त राशि का उपयोग कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए किया जाएगा ।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार इस प्रकटीकरण योजना को 1 जून से 30 सितम्बर, 2016 तक जारी रखने की योजना बना रही है और काला धन धारकों को घोषणा के दो महीने के भीतर देय राशि का भुगतान करने का विकल्प दिया गया है ।

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