Treasury not yet awakened from a second parent , ,never hurt the person

माँ बाप से बढ़कर जग में कोई दूसरा नहीं खजाना , जिसने तुझे जनम दिया रे दिल उनका नहीं दुःखना

माँ बाप से बढ़कर जग में कोई दूसरा नहीं खजाना ,जिसने तुझे जनम दिया रे दिल उनका नहीं दुःखना ॥

आज परिवार में बढती दूरियों का कारण कही न कही हम है । जिन्होंने हमें इस दुनिया में लेकर अपने पैरो पर खड़ा होना शिखाया ,आज जब उन्हें सम्हालने का समय आता है तो हम अपनापल्ला  झाड़  लेते हैं । अपना घर बसाने के बाद ,अपने माँ – बाप से अलग हो जाते है । हमारे लिए हमारा परिवार हमी से शुरू होता है ,और हमारे बच्चो पर ख़त्म ,आखिर ऐसा क्यों ? क्या हमारे माँ – बाप  का हमारे ऊपर कोई अधिकार नहीं ?

 Treasury not yet awakened from a second parent , ,never hurt the person

                Treasury not yet awakened from a second parent , ,never hurt the person

जिन्होंने हमे इस दुनिया से रूबरू कराया , उंगली पकड़कर चलना शिखाया ,खुद चैन से न सोकर हमें सुलाया ,हमारी सारी ज़रूरतों को पूरा कर ,हमें इस काबिल बनाया उनसे ये दूरिया क्यों ? जिन्होंने अपने सारे सपनें और अरमानों को परे रखकर केवल हमारा सपना पूरा किया ,जिनका हमपर विश्वाश था की जो सपनें हम न पूरा कर सके वो मेरे बच्चे करेंगे तो आखिर उस विश्वाश का चीरहरण क्यों ?

जो माँ – बाप एक साथ दो – दो  बच्चो को सम्हालते थे उनकी ज़रूरतों को पूरा करते थे ,जिनके लिए उनके बच्चे कभी उनपर बोझ नहीं थे आज वही माँ – बाप बच्चो को बोझ समझ आते हैं ,इसीलिए आज लगभग हर व्यक्ति अपने माँ – बाप को उन्ही के घर से बेघर कर देता है ,या फिर अनाथों के जैंसे वृद्धा आश्रम में भेज देते हैं । कुछ माँ – बाप को घर में रखते है लेकिन एक नौकर के हैसियत से।

क्या हमारे माता पिता हमारे लिए इतने बोझिल हो गए है ,अरे जिनकी वजह से आज हमारा अस्तित्व है उनके साथ ऐसा  व्यवहार ,सोचिये अगर कल आप के भी बच्चे आपके साथ ऐसा  व्यवहार करे तो आपको कैसा लगेगा । अपने माँ बाप के जगह कभी स्वयं को रखकर देखिये समझ आ जायेगा । क्योकि कहा गया है :-
“माँ बाप से बढ़कर जग में कोई दूजा नहिं खजाना ,
जिसने तुझे जनम दिया रे दिल उनका नहीं दुखना ॥ ”

धन्यवाद
हिमांशु मिश्रा

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