Fashion synonymous with modernity

फैशन आधुनिकता का पर्याय

“बदलाव प्रकृति का नियम है”,और यही बदलाव नए दौर के हिसाब से हो तो उसे फैशन की संज्ञा दी जाती है।

समय के हिसाब से बदलना ही फैशन है । लेकिन फैशन को लेकर जितने लोग है उतने विचार ,कुछ फैशन को आधुनिकता का पर्याय मानते है तो कुछ अंधी लहर में बहना। तो वही हमारे बड़े बुजुर्ग इसे अपनी संस्कृति का अपमान समझते हैं । और अगर बात करे अपने युवा वर्ग की तो वो इसे समय के साथ बदलना मानते हैं । विशेषज्ञों की माने तो फैशन समय की मांग नहीं है वही युवाओ की रॉय इसके विपरीत है । युवाओ का कहना है कि अगर वे सब समय और ट्रेंड के साथ न बदले तो  उन्हें उनके समकक्षो की तुलना में कमतर या पुराने समय का माना और सोचा जाता है अर्थात पुराने खयालो का ।

Fashion synonymous with modernity
Fashion synonymous with modernity

फैशन डिज़ाइनरो का मानना है की फैशन ना तो कोई लहर है और न ही कोई दीवनगी है । यह केवल समय के साथ एक बदलाव है ,जो की नयेपन का एहसास करता है । उनका मनना है की कुछ वर्षो के अंतराल पर पुनः हम उसी दौर में पहुँच जाते है जिसे हम पीछे छोड़ आते है ,मैं इसके कुछ उदहारण पेश करता हूँ :-
मूछों का चलन ३०० BC में शुरू हुआ ,उसके बाद मुछो का प्रचलन 20th सेंचुरी में जोरो पर था पर बीच में  मूछों का चलन ख़त्म हो गया था और आज पुनः मुछ रखने का चलन जारी है ।

Fashion synonymous with modernity
Fashion synonymous with modernity

कपड़े, हेयर स्टाइल, मेकअप, कहीं भी कुछ भी पुराना नहीं होता। बदलाव के साथ साथ कुछ नए प्रयोग चलते रहते हैं।फैशन डिज़ाइनर यह भी कहते हैं कि जो भी लोगों को भा जाए, वह चलन में आ जाता है और उसे ही फैशन नाम दे दिया जाता है। लेकिन कोई भी प्रयोग या बदलाव यह सोच कर नहीं किया जाता है कि इससे एक नए फैशन की शुरूआत होगी, यह मात्र एक प्रयोग होता है ।

अगर कहीं युथ पार्टी है तो वहाँ हम धोती कुर्ता ,या कुरता पायजामा नहीं पहन कर जा सकते ,या कही एथनिक वियर पहनना हो वहां हम जीन्स नहीं पहन कर जा सकते है अर्थात समय के अनुरूप प्रत्येक जगह का अपना अलग पहनावा है जैसे कि इंटरव्यू के लिए फॉर्मल वियर ,शोक सभा के लिए सफ़ेद या हलके रंग के कपड़े, तो वही पार्टियो के लिए चटक रंग के चमकीले कपड़े । अर्थात फैशन अपनी जगह सही है लेकिन उसके साथ समय का ध्यान रखना भी आवश्यक हैं।

विदेशो में फैशन के लिए दिन भी तय है वहां 9 जुलाई फैशन दिवस के रूप में मनाया जाता है । लेकिन हमारे देश में फैशन का चलन फिल्मो से शुरू होता है।  जो नई फिल्म आई उसी के मुख्य कलाकारों की स्टाइल और पहनावा उस निश्चित समय का ट्रेंड बन जाता है। फिल्मों में नायक नायिका ने जो पहना, वही फैशन बन जाता है। उदाहरद के लिए सिंघम ,किक आदि फिल्मो में अजय देवगन और सलमान खान के द्वारा रखे मुछो का स्टाइल आज फैशन बना हुआ है ,लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा कि वह स्टाइल हर युवा के चेहरे पर अच्छी लगती है या नहीं । वही लड़कियां भी आजकल आलिया भट्ट ,प्रियंका चोपड़ा जैसी नायिकाओं के कदमो पर चल रही है।

Fashion synonymous with modernity
Fashion synonymous with modernity

अतः मेरा सभी से विनम्र निवेदन है कि हमें यह भी देखना और समझना चाहिए कि कोई भी बदलाव हमारे व्यक्तित्व में निखार लाने वाला हो, हमारा चयन ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम हँसी के पात्र बने ।

समय के साथ बदलना उचित है लेकिन साथ हमें हमारी सभ्यता ,रीती रिवाज़ और संस्कृति को बनाये रखना भी जरूरी है।

धन्यवाद
हिमांशु मिश्रा