India, with a good, strong relationship, especially with the Modi government: the US

भारत के साथ एक अच्छा, मजबूत रिश्ता हैं, खासकर मोदी सरकार के साथ : अमेरिका

वाशिंगटन | अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने पर भारत की आपत्ति और धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखने वाले एक अमेरिकी आयोग को वीजा देने से इनकार जैसे कुछ मुद्दों के बावजूद उसका भारत, खासकर मोदी सरकार के साथ रिश्ता मजबूत है।

 India, with a good, strong relationship, especially with the Modi government: the US
India, with a good, strong relationship, especially with the Modi government: the US

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी से बुधवार को संवाददाताओं ने जब पूछा कि इन मुद्दों को देखते हुए क्या भारत के साथ रिश्ते ठीक नहीं चल रहे? उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है, वास्तव में मैं इससे असहमत हूं।”

किर्बी ने कहा, “मेरा मानना है कि हमारे रिश्ते ठीक हैं और हम स्पष्ट तौर पर आगे भी भारत के साथ एक अच्छा, मजबूत रिश्ता बनाए रखने की ओर देख रहे हैं, खासकर मोदी सरकार के साथ।”

उन्होंने कहा, “बहुत सारे साझा मुद्दे, चुनौतियां और खतरे हैं, जिनका हम और भारत के लोग स्पष्ट रूप से सामना कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि हमारा मोदी सरकार के साथ एक अच्छा, ईमानदार, खुले दिल का और लाभकारी रिश्ता है। हम लोग इस रिश्ते को बनाए रखेंगे। वास्तव में हम इस रिश्ते को और गहरा करने के बारे में सोच रहे हैं। ”

इसी माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने वाशिंगटन आने वाले हैं। क्या उस दौरान भारत-अमेरिकी असैन्य परमाणु समझौते से जुड़े मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे? इस पर किर्बी ने कहा कि उनके पास इस बारे में कोई खास जानकारी नहीं है।

भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर का चार दिवसीय वाशिंगटन दौरा बुधवार को समाप्त हुआ। मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले जयशंकर ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ कई द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत की।

किर्बी ने कहा, “जयशंकर ने अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश उप मंत्री एंटनी ब्लिंकेन एवं कई अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका और भारत के आर्थिक, राजनैतिक एवं सुरक्षात्मक मुद्दों पर बातचीत की।”

क्या आतंकवाद का मुकाबला करने और भारत की कड़ी आपत्ति के बावजूद पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई?

किर्बी ने इसका स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।

अमेरिका के धार्मिक आयोग को भारत द्वारा वीजा नहीं देने के मुद्दे पर भी क्या बात हुई? इस सवाल पर भी किर्बी ने कहा कि वह बहुत विस्तार में नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि वीजा नहीं देने पर अपनी चिंता को हम कई स्तर पर उठा चुके हैं। हमने अपनी निराशा के इजहार में कोई झिझक नहीं दिखाई है।

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