Ishrat case, remove the case in the Supreme Court dismissed the PIL

इशरत मामले में मुकदमा हटाने वाली जनहित याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने किया खारिज

नई दिल्ली | इशरत जहां मुठभेड़ मामले में संलिप्त पुलिस अधिकारियों पर से आपराधिक मुकदमा हटाने वाली जनहित याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। याचिका में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य डेविड हेडली के बयानों के आधार पर अदालत से मामले को हटाने की मांग की गई थी। बयान में हेडली ने कहा था कि इशरत लश्कर की सदस्य थी।

Ishrat case, remove the case in the Supreme Court dismissed the PIL
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इस आशय की जनहित याचिका एम.एल. शर्मा ने शीर्ष अदालत में दायर की थी। न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष की पीठ ने याचिकाकर्ता शर्मा से कहा कि उन्हें इस मामले में उच्च न्यायालय में जाना चाहिए। इस संबंध में पीठ ने कहा कि अदालत संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत कोई भी आदेश नहीं दे सकती है।

सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने याचिका खारिज होने के बाद इसे वापस लेने से संबंधित शर्मा की दलील को भी ठुकरा दिया। पीठ ने कहा कि उसे जो कहना था, वह कह दिया।

लेकिन, शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि हाल में हेडली के खुलासे के आलोक में जो लोग राहत पाने की उम्मीद रखते हैं, उनके मार्ग में शर्मा की याचिका का खारिज होना आड़े नहीं आएगा। अदालत ने यह बात अतिरिक्त महाधिवक्ता तुषार मेहता की दलील पर कही।

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