लिट्टे, श्रीलंका , सुकमा , श्रीनगर , नक्सलीय , भारतीय जवान , राजीव गांधी , LTTE, Sri Lanka, Sukma, Srinagar, Naxalites, Indian Jawans, Rajiv Gandhi

आखिर कब तक धरती लाल होती रहेगी जवान बेटों के खून से ?

इलाहाबाद | समस्या सुकमा या श्रीनगर मे नही समस्या दिल्ली मे है ”

आप जाफना को याद करिये …..

याद करिये लिट्टे ने कैसे श्रीलंका को अपने आगे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था …#लिट्टे एक मात्र ऐसा निजी संगठन था जिसके पास अपनी वायुसेना थी ..एयरपोर्ट थे ..नौसेना थी .. खतरनाक तारपीडो थे ..एक बार तो लिट्टे ने कोलम्बो एयरबेस पर हमला करके श्रीलंका के 75% लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया था ..हर रोज कोलम्बो में बम धमाके होते थे |

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लिट्टे के लडाके अब तक के सबसे जुनूनी लडाके माने जाते है .. जो मानवबम बनते थे और दांतों के बीच साइनाइड का कैप्सूल भी रखते थे .. ताकि पकड़े जाने पर मौत को गले लगा सके .. इन्होने श्रीलंका के राष्ट्रपति,  मंत्री और प्रधानमंत्री की हत्याये की …
भारतीय प्रधानमंत्री स्व .राजीव गांधी की हत्या भी इसी संगठन ने की, श्रीलंका के आधे हिस्से पर इनका कब्जा था .. सामरिक महत्व वाले जाफना प्रायद्वीप तो इनका मुख्य गढ़ था ..
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फिर ऐसे हालातों में महिंद्रा राजपक्षे ने सत्ता सम्भाली … उन्होंने न यूएन की परवाह की .. न भारत की .. न अमेरिका की ,.. न मानवाधिकार की …. उन्होने प्रण कर लिया कि लिट्टे को खत्म करके रहेंगे….पूरा विश्व एक तरफ और अकेला महिन्द्रा राजपक्षे दूसरी तरफ … उन्होंने लिट्टे को पहले श्रीलंका में और भीतर तक आने दिया .. लिट्टे वाले उनकी रणनीति समझ नही सके .. श्रीलंका की सेना पीछे हटती गयी .. लिट्टे आगे बढ़ता गया .. फिर अचानक तीन तरफ से श्रीलंका की सेना ने धावा बोला .. अमरीका और भारत ने कई बार श्रीलंका को चेतावनी दी लेकिन श्रीलंका ने सख्ती से जबाब दिया और कहा की उसके अंदरूनी मामले पर दुसरे देश न बोले …पूरी दुनियो मानवाधिकारों का रंडी रोना रोती रह गई …..
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नतीजा ये हुआ की श्रीलंका से लिट्टे का पूरी तरह से सफाया हो गया .. प्रभाकरन और उसके तीनों बेटों को सेना ने करीब से गोली मार दी …
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फिर भारत जैसा देश यदि चंद नकसलवादियों के आगे घुटने टेके तो ये कुछ हजम नही होता ……

आखिर इन खूंखार नकसलियो पर रहम क्यों ??
आज पूरा देश दिल्ली की ओर देख रहा है और पूछ रहा है कि कब तक निंदा बम फोड़े जाएंगे ???
आखिर कब तक कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते रहेंगे ???
आखिर कब तक धरती लाल होती रहेगी जवान बेटों के खून से ????

गौरव कुमार पांडेय के कलम से

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