japan

सुरक्षा परिषद सुधार पर लिखित एजेंडे के साथ बातचीत हो : जापान

संयुक्त राष्ट्र | जापान के विदेश मंत्री तारो कानो ने लंबे समय से अवरुद्ध पड़ी सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का आह्वान किया, और उन्होंने इसके लिए महासभा के चालू सत्र के दौरान एक लिखित एजेंडे को मंजूरी देने के लिए कहा, जिसके आधार पर बातचीत की जाए। कानो ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा में खलल डालने वाले खतरों से प्रभावकारी ढंग से निबटने में सुरक्षा परिषद को सक्षम बनाने के लिए इसमें सुधार बहुत जरूरी है।”

japanउन्होंने कहा कि महासभा के चालू सत्र में अंतर-देशीय सरकारों के बीच वार्ता (आईजीएन) में लिखित एजेंडा आधारित बातचीत शुरू करना आवश्यक है। कानो ने आगामी 29 और 30 जनवरी, 2018 को निर्धारित आईजीएन की बैठक के पहले बातचीत के एजेंडे को मंजूरी देने जरूरत पर जोर दिया है। भारत के साथ-साथ जापान भी समूह-4 में शामिल है, जोकि संयुक्त रूप से सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग कर रहा है। समूह के अन्य सदस्य ब्राजील और जर्मनी हैं। प्रस्तावित परिषद के विस्तार में बतौर परिषद सदस्य चारों देश आपस में एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। भारत ने भी परिषद के संरचनात्मक सुधार के लिए बातचीत की जरूरत बताई है।

कानो ने कहा, “जापान अन्य सदस्य देशों के सहयोग से सुरक्षा परिषद में शीघ्र सुधार लाने की दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा।”उन्होंने घोषणा की कि जापान 2022 में परिषद की सीट के मुकाबले में मैदान में उतरेगा। जापान के विदेश मंत्री ने कहा कि जब तक सुधार नहीं होगा, तब तक जापान परिषद में अस्थाई सदस्य के पद के लिए प्रयास करता रहेगा। परिषद के निर्वाचित सदस्य के तौर पर जापान का दो साल का कार्यकाल इस साल समाप्त हो रहा है। 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए बातचीत की प्रक्रिया एक दशक से ज्यादा समय से अटकी हुई है, जबकि सुधार को लेकर मूल वार्ता के लिए आरंभिक बिंदु यानी मसौदे पर सदस्यों के बीच सहमति हो चुकी थी।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सचिवालय में सुधार की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके तहत शांति व सुरक्षा, विकास और प्रबंधन शामिल हैं। लेकिन सुरक्षा परिषद में सुधार के बगैर यह काम अधूरा रहेगा। महासभा के सभापति मिरोस्लाव लैजकेक ने पिछले महीने यह कहते हुए फिर से सुधार प्रक्रिया शुरू की है कि कोशिश का वक्त पूरा हो चुका है और अब कार्रवाई करने का समय आ गया है। उन्होंने जॉर्जिया के काहा इमनाद्जे और संयुक्त अरब अमीरात के नूसीबेह को आईजीएन का सह-सभापति नियुक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *